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लाइव अपडेट बजट 2026: खेती और किसानों से जुड़ी बड़ी घोषणाएँ

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By Tractor GyanLIVEFeb 01, 2026 09:15 AM
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माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने 1 फरवरी, 2025 को बहुप्रतीक्षित भारतीय बजट 2025 पेश किया। संसद में बजट 2026 का सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ। यह श्रीमती सीतारमण का रिकॉर्ड 9वाँ बजट था। इस बजट में रोजगार सृजन तथा कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की योजनाओं पर विशेष जोर देना है। 

बजट 2026 में कृषि, निवेश, MSME और निर्यात नीतियों को दीर्घकालिक मजबूती देने पर ज़ोर दिया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण और कृषि विकास, टैक्स सुधार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट में गरीब मजदूरों, छोटे किसानों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट लंबे समय तक चलने वाले सुधारों और आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाएगा। केंद्रीय बजट 2026 के लाइव अपडेट जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

बजट 2026 के तीन प्रमुख कर्तव्य

  • आर्थिक विकास को तेज़ और दीर्घकाल तक स्थिर बनाए रखना सरकार का प्रमुख कर्तव्य बताया गया है।
  • लोगों की क्षमता बढ़ाने, कौशल विकास और रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • तकनीक और AI आधारित समाधानों को विकास की रणनीति का अहम हिस्सा माना गया है।

कृषि के क्षेत्र में सुधार एवं इनोवेशन 

  • बजट 2026 में कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है।
  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
  • नारियल, चंदन, काजू और कोको जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • बेहतर कृषि उत्पादन के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति अपनाने की घोषणा की गई है।
  • खेतों से होने वाली कुल आय में पशुधन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए इसे और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
  • कपास किसानों के लिए उत्पादकता बढ़ाने हेतु चल रहे 5 वर्षीय मिशन को आगे बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं।
  • लंबी रेशे वाली कपास किस्मों को प्रमोट करने पर फोकस किया गया है।
  • दाल किसानों के लिए राहत तूर, उड़द और मसूर दाल पर चल रहा ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ जारी रहेगा।
  • NAFED और NCCF द्वारा तूर, उड़द और मसूर दाल की खरीद जारी रखी जाएगी।
  • मखाना किसानों (विशेषकर बिहार) के लिए मखाना बोर्ड की पहल को आगे बढ़ाते हुए मखाना की खेती, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
  • छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ाने को बजट 2026 का अहम लक्ष्य बताया गया है।

पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा

  • पशुपालन क्षेत्र (Animal Husbandry Sector) पर विशेष फोकस रहेगा, जिसमें पोल्ट्री, डेयरी और पशुधन के विस्तार को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • खेतों से होने वाली कुल आय का लगभग 16% हिस्सा पशुधन क्षेत्र से आता है
  • पशुपालन के लिए किसानों को ऋण (लोन) सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • पशुधन के लिए चारा और कपास सहकारी संस्थाओं में छूट को बढ़ावा
  • पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने और पशु चिकित्सा में सब्सिडी का ऐलान किया गया है।
  • पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 जलाशयों के विकास का प्रस्ताव रखा गया है।
  • पशुधन क्षेत्र से किसानों की आय बढ़ाने को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम स्तंभ बताया गया है।

AI और डिजिटल कृषि पहल

  • किसानों को बेहतर जानकारी, निर्णय लेने में सहायता और संसाधनों की उपलब्धता के लिए AI आधारित समाधानों पर जोर दिया गया है।
  • कृषि क्षेत्र के लिए AI टूल “भारत विस्तार कार्यक्रम” लॉन्च करने की घोषणा की गई है।
  • इस AI टूल के माध्यम से किसानों को फसल, मौसम, बाजार और संसाधनों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • खेती से जुड़े संसाधनों और सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल कृषि पोर्टल विकसित किया जाएगा।
  • डिजिटल तकनीक के जरिए कृषि को अधिक कुशल, पारदर्शी और लाभकारी बनाने पर सरकार का फोकस रहेगा।
  • इन पहलों का उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाना और खेती को आधुनिक बनाना है।

ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन पर फोकस

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने को बजट 2026 की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
  • कृषि, MSME और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का आधार बताया गया है।
  • गांवों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण खेल और रोजगार से जुड़ी पहल की गई है।
  • खेल सामान सस्ते होने से ग्रामीण युवाओं और किसानों के बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
  • छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर फोकस किया गया है।
  • ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
  • पूर्वोदय क्षेत्रों के लिए 4,000 ई-बसों का प्रस्ताव ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
  • पिछले वर्ष की तुलना में गरीबी से बाहर आने वाले लोगों की संख्या में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन

  • महिलाओं के उद्यम (Women Entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की घोषणा की गई है।
  • लखपति दीदी योजना की सफलता को देखते हुए इसे और विस्तार देने पर जोर दिया गया है।
  • ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए She-Marts के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
  • She-Marts के जरिए महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
  • दिव्यांग जनों को हर क्षेत्र में अवसर और रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष फोकस किया गया है।
  • दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने हेतु संस्था की स्थापना की जाएगी।
  • सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास को बजट 2026 का अहम स्तंभ बताया गया है।

स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण कल्याण से जुड़ी पहल

  • स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए निजी, सरकारी और PGR सेक्टर में नए AHP संस्थानों की स्थापना की जाएगी।
  • अगले 5 वर्षों में 1 लाख AHP प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • रांची और तेजपुर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा।
  • पोषण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से अन्नदान प्रयोगशालाओं (Annadan Labs) के निर्माण की घोषणा की गई है।
  • कृषि, स्वास्थ्य और पोषण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सरकार का फोकस रहेगा।
  • ग्रामीण आबादी के लिए स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाना बजट 2026 की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
  • देश में 5 मेडिकल रीजन विकसित किए जाएंगे, जहां इंटीग्रेटेड हेल्थ केयर कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।
  • इन कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, रिहैबिलिटेशन और पोस्ट-केयर सुविधाएं शामिल होंगी।

शिक्षा और कौशल विकास: भविष्य की तैयारी

  • शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में एक बालिका छात्रावास (Girls Hostel) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • युवाओं के लिए कुशल करियर पाथवे (Skilled Career Pathways) विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ऑरेंज इकोनॉमी के तहत वर्ष 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • AVGC सेक्टर में देशभर में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
  • युवाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेलो इंडिया मिशन पर विशेष फोकस किया जाएगा।
  • शिक्षा और कौशल विकास को ग्रामीण और शहरी युवाओं के रोजगार से जोड़ने पर सरकार का जोर रहेगा।

पर्यटन, सेवा क्षेत्र और रोजगार को बढ़ावा

  • सेवा क्षेत्र को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बताते हुए इसे मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • भारत को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की घोषणा की गई है।
  • पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करने के लिए 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित करने की पायलट योजना शुरू की जाएगी।
  • छोटे शहरों और तीर्थ स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • सेवा क्षेत्र और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस रहेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कनेक्टिविटी

  • देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • वर्ष 2026–27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई है।
  • अगले 5 वर्षों में 20 नई भारतीय जलमार्ग (Inland Waterways) शुरू किए जाएंगे। 
  • वाटरवेज सेक्टर के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है।
  • वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत (शिप रिपेयर) सुविधाओं के विकास पर काम किया जाएगा।
  • 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष फोकस किया गया है।
  • टियर-2 और टियर-3 शहरों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • कार्बन कैप्चर, उपयोगिता और भंडारण (CCUS) पर फोकस, इसके लिए ₹20,000 करोड़ का प्रस्ताव।
  • अगले 5 वर्षों में हर आर्थिक शहर (Economic City) के लिए ₹5,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव।
  • ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्जीवन को ध्यान में रखते हुए ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा।
  • सोलर और बैटरी से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता करने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट।

उद्योग, MSME और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार को बजट 2026 की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
  • बजट 2026 में सरकार ने वस्त्र निर्माण उद्योग में भी घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की घोषणा की है। इसके तहत देश में ही उत्पादन बढ़ाने, टेक्सटाइल सेक्टर को मज़बूती देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर फोकस किया जाएगा
  • महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है।
  • खेलकूद के सस्ते सामानों के निर्माण के लिए भारत को वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है।
  • MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए सरकारी खरीद को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • विकास निधि प्रस्ताव के तहत SME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को वित्तीय मजबूती मिल सके।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये के टॉप-अप सपोर्ट की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य घरेलू उद्योगों और उद्यमों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करना है
  • सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की गई है।
  • छोटे कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • बैंकिंग सेक्टर को और मज़बूत व सक्षम बनाने के लिए सुधारों पर फोकस।
  • विकसित भारत के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा।
  • भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को कर में छूट।
  • छोटे कारीगरों को ई-कॉमर्स से जोड़ने पर विशेष जोर।
  • ई-कॉमर्स में ₹10 लाख की वर्तमान मूल्य सीमा को समाप्त करने का प्रस्ताव।

टैक्स, राजकोषीय स्थिति और वित्तीय सुधार

  • प्रत्यक्ष कर व्यवस्था के तहत नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की घोषणा की गई है।
  • नए कानून में टैक्सपेयर्स को अनुपालन के लिए अधिक समय देने का प्रावधान किया गया है।
  • साधारण नागरिकों के लिए इनकम टैक्स नियमों को सरल बनाने पर सरकार का फोकस रहेगा।
  • राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रहने का अनुमान लगाया गया है।
  • लोन–GDP अनुपात में कमी दर्ज की गई है, जिससे अर्थव्यवस्था की वित्तीय स्थिति मजबूत होने का संकेत मिलता है।
  • अघोषित आय की सीमा को 1 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • मुकदमेबाजी कम करने के लिए नए नियम लाने का प्रस्ताव किया गया है।
  • तकनीकी चूकों (Technical Defaults) पर सज़ा के बजाय शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • विदेश यात्रा पर TCS घटाकर 5% से 2% करने का प्रस्ताव किया गया है।
  • मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा निर्धारित ब्याज को आयकर से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • गैर-ऑडिट व्यवसायों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है।
  • अन्य व्यवसायों के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च रखी गई है।
  • इनकम टैक्स में किसी नई छूट का ऐलान नहीं किया गया है।
  • शेयर मार्केट में ऑप्शन का प्रीमियम 1 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत किया जाएगा
  • टोल निर्माण से जुड़े अनिवासी व्यक्तियों (NRI) को 5 वर्षों तक आयकर से छूट।
  • नई कर व्यवस्था में MAT क्रेडिट की दर 14% रखी जाएगी। (पहले 15% थी)

किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं और राहत

  • किसानों को उम्मीद थी कि KCC की लोन लिमिट और बढ़ेगी पिछले बजट में सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई थी Budget 2026 में इस पर आगे और फैसलों की संभावना दिखाई गई
  • किसानों की आय को स्थिर और जोखिम को कम करने के लिए लक्षित राहत उपायों पर फोकस किया गया है।
  • सरकारी एजेंसियों के माध्यम से किसानों को बाज़ार समर्थन देने की नीति को जारी रखने का संकेत दिया गया है।
  • कृषि क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप को फसल-विशेष योजनाओं तक सीमित रखने का दृष्टिकोण अपनाया गया है।
  • किसानों के लिए दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना बजट 2026 का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

निष्कर्ष:

बजट 2026 में कृषि, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर स्पष्ट फोकस दिखाई देता है। उत्पादन बढ़ाने, आय स्थिर करने और आधुनिक तकनीक से खेती को जोड़ने की दिशा में किए गए प्रावधान दीर्घकालिक और समावेशी विकास की नींव रखते हैं। कुल मिलाकर, यह बजट किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की ओर एक ठोस कदम है।

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